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बचà¥à¤šà¥‡à¤¦à¤¾à¤¨à¥€ निकालने का ऑपरेशन - Hysterectomy in Hindi
हिसà¥à¤Ÿà¤°à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ कà¥à¤¯à¤¾ है?
हिसà¥à¤Ÿà¤°à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ à¤à¤• सरà¥à¤œà¤¿à¤•ल पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ है जो कि आमतौर पर गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ को निकालने के लिठकी जाती है। इसका पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— अनà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ अंगों को निकालने के लिठà¤à¥€ किया जा सकता है, जो कि डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह पर निरà¥à¤à¤° करता है। गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ को हटाने के कई सारे कारण हो सकते हैं जैसे कैंसर, संकà¥à¤°à¤®à¤£, रसौली, à¤à¤‚डोमेटà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ आदि। गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के किसी à¤à¤• à¤à¤¾à¤— को निकालने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को रेडिकल हिसà¥à¤Ÿà¤°à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ कहा जाता है। यह सरà¥à¤œà¤°à¥€ तीन जगह से की जा सकती है पेट, योनि और लेपà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤•ोपिक हिसà¥à¤Ÿà¤°à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€à¥¤ योनि दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ की जाने वाली हिसà¥à¤Ÿà¤°à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ (वैजाइनल हिसà¥à¤Ÿà¤°à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€) को आमतौर पर à¤à¤¬à¥à¤¡à¥‹à¤®à¤¿à¤¨à¤² हिसà¥à¤Ÿà¤°à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ से अधिक सही माना जाता है। आजकल लेपà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤•ोपी का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— किया जाता है, जिसमें à¤à¤• टà¥à¤¯à¥‚ब से कैमरा जà¥à¥œà¤¾ होता है, जो कि शरीर के अंदर जाकर गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ जैसे अंगों को सà¥à¤•à¥à¤°à¥€à¤¨ पर दिखाता है। इसे लेपà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤•ोपिक हिसà¥à¤Ÿà¤°à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ कहा जाता है। à¤à¤¸à¥‡ कà¥à¤› जोखिम और जटिलताà¤à¤‚ हैं, जो कि सरà¥à¤œà¤°à¥€ के बाद या दौरान हो सकते हैं जैसे रकà¥à¤¤ वाहिकाओं में चोट और दोबारा कà¤à¥€ गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ नहीं बन पाना। सरà¥à¤œà¤°à¥€ के घाव को ठीक होने में छह से आठहफ़à¥à¤¤à¥‹à¤‚ का समय लगेगा और यह बेहद सफल सरà¥à¤œà¤°à¥€ मानी जाती है।
महिला के पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ अंगों में à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ अंग शामिल हैं जैसे गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯/बचà¥à¤šà¤¾à¤¦à¤¾à¤¨à¥€, ओवरी (गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के दोनों तरफ मौजूद अंग जिसमें महिलाओं के हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ व अणà¥à¤¡à¥‡ बनते हैं), फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब (गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के दोनों तरफ मौजूद पतली टà¥à¤¯à¥‚ब जो कि ओवरी को जोड़ती है और ओवरी से गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में अंडे को जाने में मदद करती है), गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ और योनि (à¤à¤• टà¥à¤¯à¥‚ब जो कि मांसपेशियों से बनी होती है और बाहर से गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ जà¥à¥œà¥€ होती है)।
हिसà¥à¤Ÿà¤°à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ à¤à¤• पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ है, जिसमें सरà¥à¤œà¤¨ आमतौर पर गायनेकोलॉजिसà¥à¤Ÿ (à¤à¤¸à¥‡ डॉकà¥à¤Ÿà¤° जो महिला के पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ अंगों से जà¥à¥œà¥‡ रोगों की विशेषजà¥à¤ž होते हैं) दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ किया जाता है। जिसमें गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के साथ या बिना पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ अंगों जैसे गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾, ओवरी, फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब को निकाला जाता है। à¤à¤¸à¥‡ में या तो पूरी बचà¥à¤šà¥‡à¤¦à¤¾à¤¨à¥€ निकाली जाती है, जिसे टोटल हिसà¥à¤Ÿà¤°à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ कहा जाता है या फिर इसके कà¥à¤› à¤à¤¾à¤— को शरीर में ही छोड़ दिया जाता है, जिसे सबटोटल हिसà¥à¤Ÿà¤°à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ कहा जाता है। सरà¥à¤œà¤°à¥€ उस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ पर निरà¥à¤à¤° करती है, जिसका इलाज किया जाना है।
हिसà¥à¤Ÿà¤°à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ के बाद महिला कà¤à¥€ गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ नहीं हो पाà¤à¤—ी और इसके साथ ही उसे कà¤à¥€ मासिक धरà¥à¤® या पीरियडà¥à¤¸ नहीं होंगे।
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बचà¥à¤šà¥‡à¤¦à¤¾à¤¨à¥€ निकालने का ऑपरेशन के डॉकà¥à¤Ÿà¤°
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गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ या बचà¥à¤šà¥‡à¤¦à¤¾à¤¨à¥€ को किसी à¤à¥€ महिला के शरीर का सबसे महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ अंग माना जाता है। à¤à¤¸à¥‡ कई सारे कारण है जिनकी वजह से यह कà¥à¤·à¤¤à¤¿ हो सकती है। साथ ही गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ या बचà¥à¤šà¤¾à¤¦à¤¾à¤¨à¥€ में हà¥à¤ˆ कà¥à¤·à¤¤à¤¿ को ठीक करने के लिठकई सारे टà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट मौजूद हैं, लेकिन कà¤à¥€-कà¤à¥€ ये टà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट कारà¥à¤¯ नहीं कर पाते हैं। जब कोई à¤à¥€ टà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट काम नहीं आता है, तो सरà¥à¤œà¤°à¥€ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ निकालना ही आखिरी विकलà¥à¤ª माना जाता है। हिसà¥à¤Ÿà¤°à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ की जरूरत निमà¥à¤¨ कारणों से होती है -
रसौली - यह गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ की दीवार में मांसपेशियों की असामानà¥à¤¯ गांठहोती है। यह गांठबाहर या अंदर से à¤à¥€ बॠà¤à¥€ सकती है, जिससे गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के आकार में काफी बदलाव आ जाता है। रसौली à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ आकारों की हो सकती है, जो कि à¤à¤• मटर के आकार से à¤à¤• गेंद के साइज तक हो सकती है। इनका कैंसर से कोई संबंध नहीं होता है। इसके टà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट के लिठदवाà¤à¤‚ उपलबà¥à¤§ हैं, लेकिन कई बार गांठबड़ी होने के कारण इसे सरà¥à¤œà¤°à¥€ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ निकालना ही पड़ता है। इसके कारण महिलाओं को पीरियडà¥à¤¸ में अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤µ, पेट दरà¥à¤¦, गरà¥à¤ धारण करने में तकलीफ और यहां तक कि दोबारा जनà¥à¤® न दे पाने जैसी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ हो सकती हैं।
बचà¥à¤šà¥‡à¤¦à¤¾à¤¨à¥€ का बाहर आना - बचà¥à¤šà¤¾à¤¦à¤¾à¤¨à¥€ किसी à¤à¥€ महिला के शरीर में à¤à¤• ही सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर रहती है जो कि पेट से जà¥à¥œà¥€ मजबूत मांसपेशियों के कारण होता है। कà¤à¥€-कà¤à¥€ कà¥à¤› विशेष कारणों से जैसे बिना अधिक अंतर के बार-बार गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ हो जाना, गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ करवाना और असामानà¥à¤¯ मासिक धरà¥à¤® से इन मांसपेशियों और लिगामेंटà¥à¤¸ पर पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ पड़ता है। इससे गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ की पोजीशन में बदलाव आ सकता है और बचà¥à¤šà¥‡à¤¦à¤¾à¤¨à¥€ बाहर निकलने लग जाती है। à¤à¤¸à¥€ कई सारी à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ सरà¥à¤œà¤¿à¤•ल पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤‚ हैं जिनके कारण गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ को उसकी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ पर वापस लाया जा सकता है, लेकिन यदि ये काम नहीं आती हैं तो बचà¥à¤šà¥‡à¤¦à¤¾à¤¨à¥€ को हटाना ही पड़ता है।
à¤à¤‚डोमेटà¥à¤°à¤¿à¤“सिस - जो कोशिकाà¤à¤‚ गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ की परत में पाई जाती हैं, वे शरीर के किसी à¤à¥€ अनà¥à¤¯ à¤à¤¾à¤— में नहीं होती हैं। à¤à¤‚डोमेटà¥à¤°à¤¿à¤“सिस में यह कोशिका की परत बचà¥à¤šà¥‡à¤¦à¤¾à¤¨à¥€ से बाहर बà¥à¤¨à¥‡ लगती है और आसपास के अंगों में बà¥à¤¨à¥‡ लगती हैं जैसे फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब, अंडाशय और पेट की आंतरिक परत आदि। ये कोशिकाà¤à¤‚ बà¥à¤¤à¥€ महिला के सेकà¥à¤¸ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ की वजह से बढ़ती हैं। इनके टूटने पर à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ अंगों में रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤µ होने लगता है, बिलà¥à¤•à¥à¤² वैसे ही जैसे गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ की परत कà¥à¤·à¤¤à¤¿à¤—à¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ होने पर बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग होती है। à¤à¤‚डोमेटà¥à¤°à¤¿à¤“सिस की मेडिकल या सरà¥à¤œà¤¿à¤•ल पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के बाद पीरियडà¥à¤¸ में अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• रकà¥à¤¤ आ सकता है और गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में दरà¥à¤¦ à¤à¥€ हो सकता है। à¤à¤¸à¥‡ में अंतिम विकलà¥à¤ª बचà¥à¤šà¥‡à¤¦à¤¾à¤¨à¥€ को निकालने का ही बचता है।
à¤à¤¡à¤¿à¤¨à¥‹à¤®à¤¾à¤¯à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ - इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ की परत में मौजूद कोशिकाओं में असामानà¥à¤¯ वृदà¥à¤§à¤¿ होने लगती है, जिससे परत मोटी हो जाती है और इसके परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प पीरियडà¥à¤¸ में अधिक बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग होती है। इसके साथ ही पेट में सूजन और दरà¥à¤¦ व गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में à¤à¤‚ठन à¤à¥€ महसूस होती है। यदि यह किसी à¤à¥€ मेडिकल पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ से ठीक नहीं हो पाती है, तो सरà¥à¤œà¤°à¥€ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ को निकाला जाता है। इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ की परत में मौजूद कोशिकाओं में असामानà¥à¤¯ वृदà¥à¤§à¤¿ होने लगती है, जिससे परत मोटी हो जाती है, जिसके कारण पीरियडà¥à¤¸ में अधिक बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग होती है। इसके साथ ही पेट में सूजन और दरà¥à¤¦ व गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में à¤à¤‚ठन à¤à¥€ महसूस होती है। यदि यह किसी à¤à¥€ मेडिकल पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ से ठीक नहीं हो पाता है तो सरà¥à¤œà¤°à¥€ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ को निकाला जाता है।
गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ निकालने की सरà¥à¤œà¤°à¥€ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ की जाती है? - Hysterectomy kyon ki jati hai?
सरà¥à¤œà¤°à¥€ से पहले किठजाने वाले टेसà¥à¤Ÿ - सरà¥à¤œà¤°à¥€ करने से पहले डॉकà¥à¤Ÿà¤° कई सारे टेसà¥à¤Ÿ करने की सलाह देते हैं जैसे à¤à¤•à¥à¤¸ रे, इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤•ारà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤—à¥à¤°à¤¾à¤®, मैगà¥à¤¨à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤• रेजोनेंस इमेजिंग (à¤à¤®à¤†à¤°à¤†à¤ˆ), कमà¥à¤ªà¤²à¥€à¤Ÿ बà¥à¤²à¤¡ काउंट (सीबीसी), यूरिन टेसà¥à¤Ÿ, गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ का अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड। साथ ही जिस अंग का इलाज किया जाना है, उससे जà¥à¥œà¤¾ हà¥à¤† विशेष टेसà¥à¤Ÿ à¤à¥€ किया जाà¤à¤—ा।
सरà¥à¤œà¤°à¥€ से पहले सà¥à¤¨à¥à¤¨ करने वाले à¤à¤œà¥‡à¤‚ट या दवा की जांच - नमà¥à¤¬à¤¿à¤‚ग à¤à¤œà¥‡à¤‚ट का चà¥à¤¨à¤¾à¤µ सरà¥à¤œà¤°à¥€ के पà¥à¤°à¤•ार पर निरà¥à¤à¤° करता है। सà¥à¤¨à¥à¤¨ करने वाली दवा सरà¥à¤œà¤°à¥€ से पहले इसलिठदी जाती है, ताकि ऑपरेशन के दौरान मरीज को किसी à¤à¥€ तरह का दरà¥à¤¦ महसूस न हो। आपसे सरà¥à¤œà¤°à¥€ से छह से बारह घंटे पहले à¤à¥‚खे रहने को कहा जाà¤à¤—ा। à¤à¤¸à¤¾ इसलिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि सà¥à¤¨à¥à¤¨ करने वाली दवा के कारण आपको उलà¥à¤Ÿà¥€ हो सकती है, जिससे शà¥à¤µà¤¾à¤¸ नली में à¤à¥‹à¤œà¤¨ आ सकता है।
सरà¥à¤œà¤°à¥€ की तैयारी - यह बहà¥à¤¤ जरूरी है कि आप डॉकà¥à¤Ÿà¤° के साथ अपनी सरà¥à¤œà¤°à¥€ को पà¥à¤²à¤¾à¤¨ कर लें। वे आपको सरà¥à¤œà¤°à¥€ से पहले इससे जà¥à¥œà¥‡ फायदे और नà¥à¤•सानों के बारे में समà¤à¤¾ देंगे। यदि आपको पहले किसी à¤à¥€ तरह की सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ रही हैं जैसे लिवर रोग, हृदय रोग या मानसिक विकार तो इनके बारे में डॉकà¥à¤Ÿà¤° को बता दें। साथ ही यदि आप किसी à¤à¥€ तरह की दवा जैसे à¤à¤¸à¥à¤ªà¤¿à¤°à¤¿à¤¨ जो कि रकà¥à¤¤ को पतला करने के लिठदी जाती है, तमà¥à¤¬à¤¾à¤•ू, शराब या अनà¥à¤¯ कोई डà¥à¤°à¤— ले रहे हैं, तो इसकी सूचना à¤à¥€ डॉकà¥à¤Ÿà¤° को दे दें।
सरà¥à¤œà¤°à¥€ के बाद जिन दवाओं की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है - जो दवाà¤à¤‚ डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपको देंगे उनमें à¤à¤‚टासिड शामिल हो सकती हैं, जो कि इसलिठजरूरी हैं कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि सरà¥à¤œà¤°à¥€ के बाद आपके पेट में बहà¥à¤¤ सारा à¤à¤¸à¤¿à¤¡ बन सकता है। सरà¥à¤œà¤°à¥€ के बाद दरà¥à¤¦ के लिठपेन किलर और संकà¥à¤°à¤®à¤£ से बचाने के लिठà¤à¤‚टीबायोटिक दी जाà¤à¤‚गी। आपके लिठयह जानना जरूरी है कि à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ में किसी à¤à¥€ जटिलता से बचने के लिठआपको ठीक तरह से दवाà¤à¤‚ लेनी होंगी।
सरà¥à¤œà¤°à¥€ के दिन - सरà¥à¤œà¤°à¥€ के लिठऑपरेशन थिà¤à¤Ÿà¤° में लेकर जाने से पहले डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपको à¤à¤• अनà¥à¤®à¤¤à¤¿ फॉरà¥à¤® à¤à¤°à¤¨à¥‡ को कह सकते हैं। इस फॉरà¥à¤® में सरà¥à¤œà¤°à¥€ के लिठअनà¥à¤®à¤¤à¤¿ के लिठहसà¥à¤¤à¤¾à¤•à¥à¤·à¤° करने होते हैं। सरà¥à¤œà¤°à¥€ के लिठआपको तैयार करने से पहले आपका रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª, तापमान, बà¥à¤²à¤¡ टेसà¥à¤Ÿ और शà¥à¤µà¤¾à¤¸ मारà¥à¤— फिर से जांचा जाà¤à¤—ा। आपको à¤à¤• विशेष डà¥à¤°à¥ˆà¤¸ पहनने को दी जाà¤à¤—ी। सरà¥à¤œà¤°à¥€ के दौरान आप पूरी तरह से ढके होंगे केवल जिस जगह की सरà¥à¤œà¤°à¥€ की जानी है उसे ही बिना ढके रखा जाà¤à¤—ा। सरà¥à¤œà¤°à¥€ के लिठआपको तैयार करने के बाद à¤à¤¨à¥‡à¤¸à¥à¤¥à¥‡à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ दिया जाà¤à¤—ा।
सामानà¥à¤¯ जानकारी - सरà¥à¤œà¤°à¥€ से पहले आपको धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ नहीं करना है और न ही शराब का सेवन करना है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इससे आपके ठीक होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ कम हो जाती है। आपको किसी à¤à¥€ तरह के तनाव से बचना है और खà¥à¤¦ को मानसिक व शारीरिक दोनों तरह से शांत रखना है। आपके परिवार या मितà¥à¤° आपके साथ असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में जा सकते हैं।
बचà¥à¤šà¥‡à¤¦à¤¾à¤¨à¥€ निकालने का ऑपरेशन कैसे किया जाता है - Bacchedani nikaalne ka operation kaise hota hai
हिसà¥à¤Ÿà¤°à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ कैसे की जाती है?
हिसà¥à¤Ÿà¤°à¤•à¥à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ पेट से à¤à¥€ की जा सकती है, जिसे à¤à¤¬à¥à¤¡à¥‹à¤®à¤¿à¤¨à¤² हिसà¥à¤Ÿà¤°à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ कहा जाता है या फिर इसे योनि के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ à¤à¥€ किया जा सकता है जिसे वजाइनल हिसà¥à¤Ÿà¤°à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ कहा जाता है। सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के पà¥à¤°à¤•ार और गंà¤à¥€à¤°à¤¤à¤¾ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° या तो बचà¥à¤šà¥‡à¤¦à¤¾à¤¨à¥€ को पूरी तरह से निकाला जाà¤à¤—ा या फिर इसके à¤à¤• à¤à¤¾à¤— को ही अलग किया जाà¤à¤—ा। हिसà¥à¤Ÿà¤°à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ का खरà¥à¤š 18000 रà¥à¤ªà¤¯à¥‡ से लेकर 2,30,000 रà¥à¤ªà¤¯à¥‡ तक आ सकता है। यह खरà¥à¤šà¤¾ इस बात पर निरà¥à¤à¤° करता है कि आप किस तरह के असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में जा रहे हैं और साथ ही ऑपरेशन के लिठकिस तकनीक का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— किया जा रहा है। लेपà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤•ोपिक हिसà¥à¤Ÿà¤°à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ के लिठà¤à¤¬à¥à¤¡à¥‹à¤®à¤¿à¤¨à¤² हिसà¥à¤Ÿà¤°à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ से अधिक खरà¥à¤šà¤¾ आता है। हिसà¥à¤Ÿà¤°à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ के लिठनिमà¥à¤¨ तकनीकों का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— किया जाता है -
à¤à¤¬à¥à¤¡à¥‹à¤®à¤¿à¤¨à¤² (पेट) हिसà¥à¤Ÿà¤°à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ -
इसका चयन आमतौर पर तब किया जाता है, जब बचà¥à¤šà¥‡à¤¦à¤¾à¤¨à¥€ का आकार बड़ा होता है। सरà¥à¤œà¤°à¥€ के दौरान लगाया गया चीरा इतना बड़ा हो कि उसमें से बचà¥à¤šà¥‡à¤¦à¤¾à¤¨à¥€ को निकाला जा सके। इसे ओपन सरà¥à¤œà¤°à¥€ à¤à¥€ कहा जाता है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ को निकालने के लिठपूरा खोला जाता है। यह पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ निमà¥à¤¨ तरह से की जाती है -
पेट के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ में पांच इंच का लंबा चीरा लगाया जाता है, जो कि सीधा या फिर टेà¥à¤¾ होता है।
मांसपेशियों, रकà¥à¤¤ वाहिकाओं और फेशिया (मांसपेशियों और अंगों को ढक रही à¤à¤• परत) को सावधानी से अलग किया जाà¤à¤—ा।
जो जोड़ या लिगामेंट गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ को उसकी पोजीशन में रखते हैं उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अलग किया जाà¤à¤—ा। सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ मांसपेशियों, रकà¥à¤¤ वाहिकाओं और अनà¥à¤¯ अंगों को इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के दौरान सावधानी से हैंडल किया जाà¤à¤—ा।
इसके बाद अंत में गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ को निकाल दिया जाà¤à¤—ा।
बचà¥à¤šà¤¾à¤¦à¤¾à¤¨à¥€ निकालने के बाद मांसपेशियों व अनà¥à¤¯ अंगों को टांकों की मदद से फिर से जोड़ दिया जाता है।
वजाइनल हिसà¥à¤Ÿà¤°à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ -
यह à¤à¤• आसान और सामानà¥à¤¯ तौर पर पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— में लाया जाने वाला तरीका है जिसका पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के साथ-साथ गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ और फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब को निकालने के लिठà¤à¥€ किया जाता है। इसमें अंडाशय को à¤à¥€ निकाला जा सकता है, लेकिन उसमें कठिनाई आती है। यह पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ निमà¥à¤¨ तरह से की जाती है -
यह à¤à¤• ओपन सरà¥à¤œà¤¿à¤•ल टà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट नहीं हैं, जिसका मतलब है कि इसमें कहीं à¤à¥€ चीरा नहीं लगाया जाà¤à¤—ा।
सरà¥à¤œà¤°à¥€ के उपकरणों को योनि के अंदर से डाला जाà¤à¤—ा। सरà¥à¤œà¤°à¥€ के दौरान जरूरत पड़ने पर योनि को बड़ा खोला जा सकता है।
गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ को निकालने के बाद योनि को खोलने के लिठजो चीरा लगाया गया था उसे टांकों से जोड़ दिया जाà¤à¤—ा।
लेपà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤•ोपिक हिसà¥à¤Ÿà¤°à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ -
इस सरà¥à¤œà¤°à¥€ में किसी à¤à¥€ अंग को होने वाली कà¥à¤·à¤¤à¤¿ की आशंका सबसे कम होती है। यह à¤à¤• ओपन सरà¥à¤œà¤°à¥€ नहीं है। यह गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ को निकालने के लिठपेट व योनि दोनों तरह से की जा सकती है। लपà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤•ोपिक हिसà¥à¤Ÿà¤°à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ निमà¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ की जाती है -
लेपà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤•ोपिक à¤à¤¬à¥à¤¡à¥‹à¤®à¤¿à¤¨à¤² हिसà¥à¤Ÿà¤°à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ में तीन सेंटीमीटर लंबे तीन से चार कट पेट के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ पर लगाठजाà¤à¤‚गे।
किसी à¤à¤• कट में से, कैमरा लगी हà¥à¤ˆ टà¥à¤¯à¥‚ब को पेट के अंदर डाला जाà¤à¤—ा। इससे आंतरिक अंगों को सà¥à¤•à¥à¤°à¥€à¤¨ पर 3डी में देखने में मदद मिलती है, जिससे सरà¥à¤œà¤¨ सावधानीपूरà¥à¤µà¤• यह पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ कर पाते हैं।
लेपà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤•ोपिक वजाइनल हिसà¥à¤Ÿà¤°à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ में योनि के अंदर से आंतरिक अंगों को देखने के लिठà¤à¤• टà¥à¤¯à¥‚ब डाली जाती है, जिसके अंतिम सिरे पर कैमरा लगा होता है।
आजकल रोबोटिक लेपà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤•ोपी à¤à¥€ की जाती है जो à¤à¤• रोबोट की बांह की मदद से की जाती है।
हिसà¥à¤Ÿà¤°à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ के बाद कà¥à¤¯à¤¾ करें - Hysterectomy hone ke baad dekhbhal
सरà¥à¤œà¤°à¥€ के बाद आपको फिर से शारीरिक गतिविधियों में लौटने में और पूरी तरह से ठीक होने में छह से आठहफà¥à¤¤à¥‡ का समय लगेगा। तब तक आपको सà¥à¤µà¤¯à¤‚ का और घाव का निमà¥à¤¨ तरह से ठीक पà¥à¤°à¤•ार धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना है -
सरà¥à¤œà¤°à¥€ के बाद जो à¤à¥€ घर के काम आप करती हैं उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ धीरे-धीरे बà¥à¤¾à¤¨à¤¾ शà¥à¤°à¥‚ करें। à¤à¤• साथ काफी सारा काम न करें à¤à¤¸à¥‡ में पहले धीरे-धीरे चलने से शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ करें।
दी गई मलम या कà¥à¤°à¥€à¤® को घाव पर लगाते रहें और दिन में दो बार पटà¥à¤Ÿà¥€ को बदलें या फिर जैसा कि डॉकà¥à¤Ÿà¤° दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ सà¥à¤à¤¾à¤¯à¤¾ जाà¤à¤—ा।
यदि आपको घाव से खून आता दिखाई दे या फिर घाव की जगह पर सूजन महसूस हो तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° को इसके बारे में तà¥à¤°à¤‚त बताà¤à¤‚।
आपको लगातार नियमित रूप से दवाà¤à¤‚ लेते रहना है और डॉकà¥à¤Ÿà¤° दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ बताया गया है। उसी तरह से सही खà¥à¤°à¤¾à¤• में दवाओं को लेना है और धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• दिन उसी समय पर दवा लें, जिस समय पर पहले दिन से लेना शà¥à¤°à¥‚ की गई थी। विशेषकर पेन किलर इससे दवाओं का पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ बॠजाता है।
यदि आपको छींकना या खांसना है तो आप टांकों पर हलà¥à¤•े से तकिया रख सकती हैं। इससे दबाव पड़ने पर आपके टांके नहीं खà¥à¤²à¥‡à¤‚गे और ना ही दरà¥à¤¦ होगा।
सरà¥à¤œà¤°à¥€ के कà¥à¤› दिन बाद तक आइस पैक का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करें। इससे सूजन और दरà¥à¤¦ को कम करने में मदद मिलती है।
हिसà¥à¤Ÿà¤°à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ के बाद सावधानियां - Hysterectomy hone ke baad savdhani
à¤à¤¸à¥€ कà¥à¤› बातें हैं जिनके बारे में आपको सरà¥à¤œà¤°à¥€ के बाद सावधानी बरतनी होगी। इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ निमà¥à¤¨ तरह से बताया गया है -
सरà¥à¤œà¤°à¥€ के बाद छह से आठहफà¥à¤¤à¥‡ तक आपको किसी à¤à¥€ तरह की अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• à¤à¤¾à¤°à¥€ शारीरिक गतिविधियां नहीं करनी हैं, जैसे जिम जाना, जॉगिंग, सीà¥à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ चà¥à¤¨à¤¾, कपड़े धोना और बरà¥à¤¤à¤¨ धोना आदि।
दो-तीन हफà¥à¤¤à¥‡ तक गाड़ी न चलाà¤à¤‚। हालांकि, आप कार में यातà¥à¤°à¤¾ कर सकते हैं। लंबी यातà¥à¤°à¤¾ पर जाने से बचें।
सरà¥à¤œà¤°à¥€ के छह से आठहफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ तक सेकà¥à¤¸ ना करें।
धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे कि घाव पानी के साथ सीधे संपरà¥à¤• में ना आà¤, इसके लिठआप तैरना और बाथ टब में नहाने जैसी गतिविधियों को न करें। इसकी बजाय आप सà¥à¤ªà¥‰à¤¨à¥à¤œ बाथ ले सकती हैं, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि घाव को साफ और सूखा रखना बहà¥à¤¤ जरूरी है।
हिसà¥à¤Ÿà¤°à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ के बाद खतरे और जटिलताà¤à¤‚ - Hysterectomy me jatiltaye
हिसà¥à¤Ÿà¤°à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ के बाद खतरे और जटिलताà¤à¤‚
जिस दौरान आप ठीक हो रहे हैं उस समय आपको घाव या यूरिनरी बà¥à¤²à¥ˆà¤¡à¤° (à¤à¤• अंग जिसमें शरीर का सारा यूरिन संचित होता है) में संकà¥à¤°à¤®à¤£ के कारण बà¥à¤–ार आ सकता है। इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने के लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° आपको à¤à¤‚टीबायोटिक लेने की सलाह देंगे।
यदि आपको à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ है तो आपको सरà¥à¤œà¤°à¥€ से पहले अपने बà¥à¤²à¤¡ गà¥à¤°à¥à¤ª के ही कà¥à¤› रकà¥à¤¤ की जरूरत पड़ेगी। यदि आपको सरà¥à¤œà¤°à¥€ के दौरान किसी रकà¥à¤¤ वाहिका में चोट लग जाà¤, जिसके कारण रकà¥à¤¤ की कà¥à¤·à¤¤à¤¿ हो जाà¤, तो à¤à¥€ आपको रकà¥à¤¤ की आवशà¥à¤¯à¤•ता पड़ सकती है। à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के लिठसरà¥à¤œà¤°à¥€ से पहले अपने बà¥à¤²à¤¡ गà¥à¤°à¥à¤ª के रकà¥à¤¤ का इंतजाम कर के रखें।
आपको à¤à¤¨à¥‡à¤¸à¥à¤¥à¥€à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ मिलने के बाद या उसके दौरान कà¥à¤› परेशानी हो सकती है। à¤à¤¸à¤¾ तब हो सकता है, यदि आप तमà¥à¤¬à¤¾à¤•ू, शराब या अनà¥à¤¯ कोई नशा करते हैं या फिर आपको हृदय रोग व लिवर रोग से संबंधित कोई समसà¥à¤¯à¤¾ है।
यदि मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ में किसी à¤à¥€ तरह की चोट लगी है, तो आपको बार-बार पेशाब जाने की इचà¥à¤›à¤¾ हो सकती है। यदि मलाशय में कोई चोट लगती है तो आपको मल तà¥à¤¯à¤¾à¤—ने और नियतà¥à¤°à¤‚ण रखने में समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है।
यदि सरà¥à¤œà¤°à¥€ के दौरान गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के साथ अंडाशय को à¤à¥€ निकाला जा रहा है तो आपको अवसाद, सेकà¥à¤¸ इचà¥à¤›à¤¾ की कमी, तà¥à¤µà¤šà¤¾ से जà¥à¥œà¥€ समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ और मेटाबॉलिजà¥à¤® में कमी जैसा महसूस हो सकता है।
सरà¥à¤œà¤°à¥€ के बाद गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ करना और शिशॠको जनà¥à¤® देना संà¤à¤µ नहीं हो पाà¤à¤—ा।
हिसà¥à¤Ÿà¤°à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ के बाद फॉलो अप - Hysterectomy ke baad doctor ko kab dikhaye
आपकी सरà¥à¤œà¤°à¥€ की पà¥à¤°à¤—ति का पता लगाने के लिठऔर सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ पर लगातार नजर रखने के लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° फॉलो अप अपॉइंटमेंट रखते हैं। सरà¥à¤œà¤°à¥€ के आधार पर निरà¥à¤à¤° करते हà¥à¤ कà¥à¤› विशेष टेसà¥à¤Ÿ à¤à¥€ किठजा सकते हैं, जिनमें रिकवरी की जांच की जाà¤à¤—ी। आपको किसी à¤à¥€ तरह के जोखिम से बचाने के लिठà¤à¤¸à¤¾ किया जाता है। हिसà¥à¤Ÿà¤°à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ के बाद आपको डॉकà¥à¤Ÿà¤° के बताठअनà¥à¤¸à¤¾à¤° उनसे मिलने जाना होगा। आपको सरà¥à¤œà¤°à¥€ के बाद टांकें हटाने के लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास जाना होगा जो कि आमतौर पर सरà¥à¤œà¤°à¥€ के 15 दिन बाद किया जाता है। आप अपना धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ किस पà¥à¤°à¤•ार से रख सकते हैं इसके बारे में डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपको बताà¤à¤‚गे ताकि आप जलà¥à¤¦à¥€ से ठीक होकर अपनी सामानà¥à¤¯ दिनचरà¥à¤¯à¤¾ व गतिविधियों को फिर से शà¥à¤°à¥‚ कर सकें।
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